अभिनय ही मेरी जिंदगी है अभिनेता- चंद्र प्रकाश ” चंदू”
ये कहावत जो आपकी जिंदगी को एक नई दिशा देती है। “जहाँ चाह, वहाँ राह” इंसान अगर ठान ले तो कुछ भी मुश्किल नहीं है। ये कहानी है एक प्रतिभाशाली अभिनेता चंद्र प्रकाश चंदू की है। जो सदी के महानायक अमिताभ बच्चन जी की नगरी प्रयागराज के रहने वाले की। प्रयागराज की पावन धरती जहां गंगा, यमुना, सरस्वती का पवित्र संगम है। इस धरती ने देश को एक से बढ़कर एक मेधावी चेहरा दिया। उसी में एक नाम चंद्र प्रकाश चंदू का है। बचपन से ही उन्हें फिल्म देखने का शौक था। माता पिता के साथ 6 वर्ष की आयु से फिल्म देखना शुरू कर दिया था। उन्हें फिल्म मुकद्दर का सिकंदर और जॉनी मेरा नाम फिल्म बहुत अच्छी लगी। और वहीं से उन्होंने अभिनय को अपना कैरियर बनाने का ठान लिया। फिर शिक्षा के साथ साथ जब भी उन्हें मौका मिलता अपने स्कूल, कॉलेज या अपनी कॉलोनी में होने वाले हर कार्यक्रम में बढ़चढकर भाग लेने लगे। पढ़ाई के दौरान ही रंगमंच से जुड़ गए। और अभिनय की बारीकी को सीखा। कहते हैं कि मंजिले उसी को मिलती है जिसके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता हौसलों से उड़ान होती है। अपने अभिनय को नई दिशा और नई ऊंचाई देने के लिए चंदू जी मुंबई को रवाना हो गए। लेकिन जैसा मुंबई दूर से दिखता है। उतना ही यहाँ संघर्ष भी है। पर चंदू ने हार नहीं मानी और जहां भी फिल्म , टीवी शो का ऑडिशन होता वहां जाकर ऑडिशन देते रहे। मेहनत रंग लाई। फिल्म इंडस्ट्री ने उनके टैलेंट को पहचाना और एक के बाद एक कई फिल्म, टीवी शो में काम करने का मौका मिला। चंदू जी ने नेशनल चैनल के लिए एक फिल्म में अहम भूमिका निभाई। कई रीजनल भाषा के एल्बम्स और फिल्मों को अपने अभिनय से सजाया। चंदू ने हिंदी फिल्म रोड टू संगम, और खाकी वर्दी अहम भूमिका निभाई है। भोजपुरी फिल्म तोहरे कारण गईल भैंसिया पानी , बलम रंगबाज में भी शानदार एक्टिंग की है। उन्होंने टीवी सीरियल क्लासिकल दर्द डीडी वन चैनल के लिए किया। उनकी कई फिल्में और वेब सीरीज रिलीज को तैयार है। अभिनय के साथ साथ उन्होंने कई फिल्म्स के प्रोडक्शन हेड की भी भूमिका निभाई…
The news Box
अमिताभ रंजन मुंबई
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अभिनय ही मेरी जिंदगी है अभिनेता- चंद्र प्रकाश ” चंदू”


